गरीब होना इतना आसान नहीं होता

गरीब होना इतना आसान नहीं होता
जिसकी छत ना टपके वह मकान नहीं होता
इसका भी अपना सुख है जो हर किसी को
नशीब नहीं होता प्राकृतिक संगीत का आनन्द
उन्हें ही प्राप्त होता छत से टपकते हुए पानी
के नीचे रखे बर्तनों से आने वाला संगीत घर
के एक कोने में किसी तरह दुबककर एक
दुसरे में घुस कर पूरा परिवार जहां है सोता
ऐसे घर में कोई मेहमान नहीं होता
गरीब होना इतना आसान नहीं होता
हमारे जगत राय इस मामले में बड़े खुश
नशीब है उनकी पत्नी जो काफी समय से
उम्मीद से थी वह उम्मीद इस बरसात
में फल गई उनके इस टपकते हुए मकान
में एक कली फिर खिल गई ये बात जुदा
है कि उसके जन्म के समय इस घर में
दो दिन के खाने का पूरा सामान नहीं होता
गरीब होना इतना आसान नहीं होता
आप जन्म से किसान है इनके पूर्वज कभी
सम्पन्नं हुआ करते थे बाप दादे परिवार
बढ़ता गया खेती का रकबा घटता गया अब
इनके पास तीन एकड़ जमीन है खेती करते
है पर इनके पास अभाओं के चलते कभी
बीज या खाद और कभी बैल नहीं होता
गरीब होना इतना आसान नहीं होता
उनके घर में तीसरी सन्तान भी लड़की आई
पर वह इस बात पर जरा भी चिंतित नहीं है
वह अपनी पत्नी का हाथ अपने हाथ में लेकर
कहता है तेरा साथ है तो फिर क्या फ़िक्र है
जरा सी मजदूरी कर लूँगा पर अपनी बच्चियों
को अच्छी परवरिश देने की कोशिश करूंगा
उन्हें पढ़ा लिखा कर अपने पैरों पर खड़ा करके
सर उठा कर चलना सिखाऊंगा तू फ़िक्र मत
कर जगत राय तेरे इस प्यार से धनी है महलो
में धन का अम्बार तो होता है लेकिन इस
तरह हमारे जैसा आपस का प्यार नहीं होता
गरीब होना इतना आसान नहीं होता
जिसकी छत ना टपके वह मकान नहीं होता
सच है भैया वह अभावो में भी इन जैसे
गरीब लोगो के ही तो दिलों में है होता
गरीब होना इतना आसान नहीं होता
[जन कवि] गोपाल जी सोलंकी

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  1. गरीब होना इतना आसान नहीं होता ,जिसकी छत ना टपके वह मकान नही होता

    वह अभावों से परेशान नहीं होता ,अपनी गरीबी हालत पर उसे ना कोसता और ना ही रोता,गरीब होना इतना आसान नहीं होता जिसकी छत ना टपके वह मकान नहीं होता ,दिन भर मजदूरी करता है शाम को जो भी मिल जाए उसे उसका प्रसाद समझ कर ग्रहण करता है ,और चादर तान कर बेफिक्र है सोता ,उसे अपने घर में चोरी होने का डर नहीं होता ,गरीब होना इतना आसान नहीं होता ,जिसकी छत ना टपके वह मकान नही होता ,बाल गोपालों से भी उसका घर भरा पूरा होता ,भूके उठते जरुर है सब पर उस घर में भी कोई भूखा नहीं सोता ,गरीब होना इतना आसान नहीं होता ,जिसकी छत ना टपके वह मकान नहीं होता