गुण कारी आम सेहत और रोग उपचार

आम का इतिहास अत्यंत प्राचीन है । आम के प्रति भारत के बाहर लोगों का ध्यान सर्वप्रथम बुध्दकालीन यात्री, हुयेनत्सांग(632-45) ने आकर्षित किया था । फायर एवं हैमिल्टन ने गोवा के आमों को बड़े, स्वादिष्ट तथा संसार के फलों में सबसे उत्तर और उपयोगी बताया है । भारत में इसे ” कल्पवृक्ष ” अर्थात् मनोवांछित फल देने वाला भी कहते है । मुगल सम्राट अकबर ने लालबाग नामक एक लाख पेड़ोंवाला उद्यान दरभंगा के समीप लगवाया था । भारत में हमारी रीति, व्यवहार, हवन, यज्ञ, पूजा, कथा त्यौहार तथा सभी मंगलकार्यों में आम की लकड़ी, पत्ती, फूल अथवा इसका एक न एक भाग प्राय: काम में आता है। आम भारत का ही नहीं वरन् समस्त उष्ण कटिबंध के फलों का राजा है और बहुत उपयोगी होता है।
कालिदास ने इसका गुणगान किया है, सिकंदर ने इसे सराहा और मुगल सम्राट अकबर ने बाग भी लगाए है । वैदों में आम को विलास का प्रतीक, कविताओं में जिक्र और कलाकारों ने इस अपने कैनवास पर उतारा है । भारत में गर्मियों के आरम्भ से ही आम पकने का इंतजार होने लगता है । दुनिया का 50 प्रतिशत से अधिक आम भारत में होता है तथा यह राष्ट्रीय फल भी है। आम अत्यंत उपयोगी, दीर्घजीवी, सघन तथा विशाल वृक्ष है। आम लगभग 1400 जातियों से हम परिचित है । भारत में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, फज़ली, बम्बई ग्रीन, बंबई, केशर, नीलम, बादाम, हापुस, कालमी आम, चौसा आदि कई किस्मों के आम पाए जाते हैं । आम के बारे में जितनी तारीफ, पढ़ी या लिखी जाए उतना ही कम है । निम्नानुसार फलों का राजा आम( पक्का और कच्चा) हमारे जीवन में कितना गुणकारी है-
* गर्मी में कच्चे आम का पना पीने से हार्ट-टैक, लू, पसीने के माध्यम से निकलने वाले सोडियम और जिंक का वापस लाना ,विटामिन सी के कारण ब्लड डिसआर्डर से बचाना, टी.बी., एनीमिया, हैजा जैसी बीमारियों में टॉनिक का काम, तथा नए ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है ।
* आम का रस दूध में मिलाकर पीने से वजन भी बढ़ता है तथा श्वास, रक्तविकास और ऑखों से जुड़ी परेशानियों से भी राहत मिलती है ।
* रिसर्च से पता चला है कि आम में पाए जाने वाला एंटी ऑक्सिडेंट कैंसर जैसी बीमारियों को रोकन में सहायता होता है तथा स्किन की कई बीमारियों से भी बचाता है ।
* चिकित्सक गर्भवती महिलाओं को आम खाने की सलाह देते है । यह एसिडिटी को कम कर पाचन क्रिया को ठीक बनाए रखता है ।
* गुठली की गिरी का चूर्ण श्वास, अतिसार तथा प्रदर में लाभदायक होने के अलावा1 कृमिनाशक भी है। कच्चा आम अचार के काम आता है ।
* आम में घटक शकर्रा 11 से 20 प्रतिशत,6.78 से 16.99 इक्षु शर्करा, ग्लूकोज च अन्य शर्करा 1.53 से 6.14, प्रोटीन 9.6, वसा 0.1, खनिज पदार्थ 0.3, रेशा 1.1, फॉसफोरस 0.02 और लौह पदार्थ 0.3 प्रतिशत है । नमी की मात्रा 86 प्रतिशत है । आम का औसत ऊर्जा मूल्य प्रति 100 ग्राम में लगभग 50 कैलारी है। इसमें विटामिन सी और ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ।
* आम का बौर शीतल, वातकारक,मलरोधक, अग्निदीपक, रुचिवर्धक तथा कफ, पित्त, प्रमेह, प्रदर और अतिसार को नष्ट करने वाला है ।
* आम का पका फल मधुर, स्निग्ध, वीर्यवर्धक, वातनाशक, शीतल, प्रकेहनाशक तथा व्रण श्लेषम और रुधिर रोगों को दूर करने वाला है ।
* आर्युवेद के मतानुसार आम के पंचांग काम आते है । इस की अंतर्छाल क्वाथ प्रदर, खूनी बवासीर तथा फेफड़ों या ऑंत से रक्तस्त्राव होने पर दी जाती है ।
* आम की लकड़ियों को कई तरह उपयोग में लिया जाता है । इनका यग्य की हवि[समिधा ]में भी उपयोग होता है
जन हित में संकलन .जन कवि.गोपाल जी सोलंकी

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