पीलिया का उपचार है

हमारे छत्तीस गढ़ में इस वक्त पीलिया रोग जिसे इंग्लिस में [हैपेटाईटटिस] कहा जाता है आम तौर पर यह बिमारी साफ़ सफाई की कमी अमानक भोजन से होती है इसमें शरीर का रंग पीला हो जाता है आँखे पीली हो जाती है नाख़ून भी पीले हो जाते है हल्का बुखार सा महसूस होता है और भोजन से अरुचि हो जाती जिससे शरीर कमजोर होने लगता है पीलिया होने पर बाहरी तले मैदा वाले बाहरी जूस आदि से परहेज करे रोगी की उपयोग की जाने वाली वस्तुओं से घर के सदस्यों को उपयोग ना करने दे जिससे उन्हें इस रोग से बचाया जा सके उसे लहसुन की माला पहनाए सादा भोजन करवाए पपीता खाना इस रोग के रोगी के लिए फायदे मंद होता है डोक्टर से नियमित चेक उप करवाए उबला पानी पीने को दे हो सके तो घर के सदस्य भी उबला पानी इसकी रोक थाम के काफी उपाय किए गए है जगह जगह सामाजिक संस्थाएं एवं एन्जिओस भी क्लोरिन की गोलियां बाँट रहे है मगर उनके भी अतिरिक्त डोज से बचे वरना कुछ उल्टा साइड इफेक्ट हो सकता है कहते है सावधानी ही बचाव है पीलिया रोग में प्याज का उपयोग कर के भी राह पाई जा सकती है कुछ उपयोगी उपाय प्याज के गौर करे |

1. प्याभज का रस कनपटियों और छाती पर मलने से लू नहीं लगती। खाने के साथ कच्चेज प्या ज का सेवन करना लाभदायक होता है।
2. कान में दर्द अथवा मवाद बहने की शिकायत होने पर प्याहज के रस को हल्काो गर्म कर के कान में डालने से आराम मिलता है।
3. आधा कप सफेद प्याहज के रस में गुड़ और पिसी हल्दी मिला कर प्रात: वह शाम को पीने से पीलिया में लाभ होता है। छोटे प्यादज को छील कर चौकोर काट कर सिरके या नींबू के रस में भिगो दें, ऊपर से नमक काली मिर्च डाल दें। पीलिया का यह शर्तियां इलाज है।
4. प्याोज से हृदय धमनियों में रूधिर के थक्केल नहीं बनते और इस प्रकार हृदय संभवित क्षतियों से बचा रहता है। प्या‍ज में लोहा पाया जाता है, जिससे शरीर मे एनीमिया नहीं होता। यह खून को गाढ़ा बनाता है और उसे पतला होने से रोकता है।
5. यदि किसी कुत्तेल ने काट लिया हो, तो कटे हुए स्था न पर प्या ज को पीसकर शहद के साथ मिलाकर लगाने से विष का प्रभाव जाता रहता है।
6. सरसों का तेल व प्यााज का रस मिलाकर मालिश करने से गठिया के रोगी को लाभ पहुंचाता है।
7. प्यांज के रस में शहद मिला कर चाटने से दमा और खांसी में आश्च र्यजनक सुधार आता है। इसके अलावा मिर्गी, हिस्टीरिया और पाण्डुरोग में भी प्याज लाभकारी है। मिर्गी में प्याज को सुंघा देने मात्र से ही कई बार रोगी को चंगा होता देखा गया है।
8. बच्चों को बदहजमी होने पर उन्हें प्याज के रस की तीन-चार बूँदें चटाने से लाभ होता है। अतिसार के पतले दस्तों के इलाज के लिए एक प्याज पीसकर रोगी की नाभि पर लेप करें या इसे किसी कपड़े पर फैलाकर नाभि पर बाँध दें।
9. हैजा हो गया हो तो सावधानी के तौर पर एक प्याला सोडा पानी में एक प्याला प्याज का रस, एक नीबू का रस, जरा सा नमक, जरा-सी काली मिर्च और थोड़ा सा अदरक का रस मिलाकर पी लें, इससे हाजमा दुरुस्त हो जाएगा तथा हैजे का आक्रमण नहीं होगा।
10. कब्ज के इलाज के लिए भोजन के साथ प्रतिदिन एक कच्चा प्याज जरूर खाएँ। यदि अजीर्ण की शिकायत हो तो प्याज के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर उसमें एक नीबू निचोड़ लें या सिरका डाल लें तथा भोजन के साथ इसका सेवन करें।
11. अगर दांत में पायरिया है, तो प्याज के टुकड़ों को तवे पर गर्म कीजिए और दांतों के नीचे दबाकर मुंह बंद कर लीजिए। इस प्रकार 10-12 मिनट में लार मुंह में इकट्ठी हो जाएगी। उसे मुंह में चारों ओर घुमाइए फिर निकाल फेंकिए। दिन में 4-5 बार 8-10 दिन करें, पायरिया जड़ से खत्म हो जाएगा, दांत के कीड़े भी मर जाएंगे और मसूड़ों को भी मजबूती प्राप्त होगी।
[गोपाल जी सोलंकी ]

पीलिया रोग को जीता जा सकता है जरा सी सावधानी और उपचार से

साफ़ सफाई बहुत जरूरी तन मन घर आस पास की ,उबला पानी गारंटी देता है उत्तम स्वास्थ्य की ,लहसुन प्याज पपीता इसके ताप से हमें बचाते है ,पिज्जा बर्गर तला भुना हमको अस्पताल पहुंचाते है ,तुरंत इलाज नित्य चेकअप से बिमारी कट जाती है ,उसके उपयोग की वस्तु यूस करने से दूजे को भी हो जाती है,किसी रोग से घबराने से बात और बिगड़ जाती है ,समझ दारी और सावधानी से स्वास्थ्य हमे फिर मिल पाती है ,इसमें क्लोरिन कारगर है पर इसका उपयोग भी सावधानी से करो ,स्वस्थ रहो दूजो को सावधान करो अपने नागरिक फर्ज को पूरा करो ,किचन हमारा स्वास्थ्य की कुंजी से है भरा हुआ पर उसके लिए नानी दादी की शरण में जाना जरूरी है ,
जन हित में संकलन .जन कवि.गोपाल जी सोलंकी

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