सत्ता का संघर्ष

  1. pappu ji . stta ka sanghrsh
  2. stta ka mad . stta ka sanghrsh
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stta ka mad . stta ka sangharsh
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सत्ता का संघर्ष
सत्ता के संघर्ष में ,
तन्त्र हुआ बेहाल
सत्ता हथियाने नेता,
चल रहे नित नई चाल
सत्ता के
सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे
आधीरात खुलवाते हैं
सत्ता साधने के लिए
नित नए बिछाते जाल
सत्ता के
जना देश का सत्ता में
उड़ता रोज मजाक
सत्ता की शतरंज में
होता पात पात और डाल
सत्ता के
देश की चिंता नहीं इन्हें
सिर्फ सत्ता से प्यार
किसी तरह सत्ता पाएं और
कमाएं जी भर माल
सत्ता के
देश सेवा प्रयोजन नहीं
खाने आए मेवा
पद पावर मिल जाए तो
करते खूब धमाल
सत्ता के

जन कवि .गोपाल जी सोलंकी

One Comment

  1. सत्ता का संघर्ष
    सत्ता के संघर्ष में ,
    तन्त्र हुआ बेहाल
    सत्ता हथियाने नेता,
    चल रहे नित नई चाल
    सत्ता के
    सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे
    आधीरात खुलवाते हैं
    सत्ता साधने के लिए
    नित नए बिछाते जाल
    सत्ता के
    जना देश का सत्ता में
    उड़ता रोज मजाक
    stta ka sangharsh
    jan kavi .gopal ji solanki