सुबह से हो रही बारिश [सावन]

  1. bol bam . subaha se ho rahi barisha [savan]
  2. lord shiva .subaha se ho rahi barish [savan]
  1. bol bam . subaha se ho rahi barisha [savan]
  2. lord shiva .subaha se ho rahi barish [savan]

bol bam . subaha se ho rahi barisha [savan]

bol bam .subaha se ho rahi barish [savan]
kavyapravah.com

lord shiva .subaha se ho rahi barish [savan]

lord shiva .subaha se ho rahi barish [savan]
kavyapravah.com

 

सुबह से हो रही बारिश [सावन]

सुबह से हो रही बारिश हुआ मौसम ये मन भावन
बह रही धर्म की गंगा लगा है जब से ये सावन
सुबह से हो रही बारिश
घुला संगीत हवाओं में जैसे पायल बजे छमछम
दीखे मोती की लड़ियों सी बरसती बूंदें ये झम झम
छुपा सूरज को रक्खे है छाए है जो ये काले घन
सुबह से हो रही बारिश
सुबह से बोल बम कहते निकल पड़ते ये कांवरिये
भीगते बोल बम कहते चले शिव धाम कांवरिये
चढा है रंग भक्ति का भोले बाबा है सबके मन
सुबह से हो रही बारिश
प्रेमियों को ये भाता है किसानों को ये भाता है
ये सावन धरती मैया को हरी चुनर उढाता है
हर तरफ खुस नुमा माहौल कर देता है ये सावन
सुबह से हो रही बारिश
इसमें वरदान है शिव का इसमें रक्षा है बहनों की
कलाई में बंधी राखी मौहब्बत और सुरक्षा की
मिला आशिष जब शिव का हुआ ये और भी पावन
सुबह से हो रही बारिश
सुबह से हो रही बारिश हुआ मौसम ये मन भावन
बह रही धर्म की गंगा लगा है जब से सावन

जन कवि .गोपाल जी सोलंकी

One Comment

  1. सुबह से हो रही बारिश [सावन]
    सावन का महिना भारत में बहुत ही महत्व पूर्ण मन जाता है लगातार वर्षा की झिरमिर झिरमिर
    झड़ी लगातार पानी का बरसना मौसम का सुहाना होना धर्म रोमांस आस्था रंगा रंग कार्यक्रमों का आयोजन पुरे महीने होते रहता है बोल बम कहते काँवरियो के दल सारे देश में शिव मन्दिरों की ओर
    बोल बम के नारे लगते हुए अलग अलग दलों में पैदल यात्रा करते है और जाते जाते ये पवित्र माह
    भाई बहन के पवित्र प्यार का उपहार देकर विदा होता है
    जन कवि .गोपाल जी सोलंकी