स्वाभिमान जिस देश के

  1. bhartamata svabhimanajis desh ke
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svabhiman jis desh ke
bharta mata
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स्वाभिमान जिस देश के एजेंडे में पहले नहीं
उस देश के नागरिक कभी सर उठा कर नहीं जी सकते
जब तक हम मुगलों और अंग्रेजो के समय लिखे गए बकवास इतिहास को नकार करहमारे पूर्वजो के गौरव मय इतिहास का अद्ध्ययन नहीं करेंगे हमारी समृद्धि वापस नहीं आएगी हमारे देश को हमारे धर्म ने हजारो सालो तक सुखी और समृद्ध बना रखा था बड़े दुःख के बाद ये लिखना पड़ रहा है की हमारी धार्मिक मान्यताओं पर सब से ज्यादा कुठारा घात आजाद हिन्दुस्तान में हुआ पूर्ववर्ती
सरकारों ने घर्म निरपेक्षता के नाम पर सिर्फ हिन्दू धर्म पर ही हमला किया बाकी किसी धर्म की तरफ देखने की उनकी हिम्मत ना पड़ी ऐसा इस लिए हुआ क्योकि
हिन्दू धर्मावलम्बी तबको में बनते हुए थे और इन्होने उन्हें सरकारी सहायता आरक्षण के नाम से वर्गो में भी बाँट दिया कितना बड़ा मजाक हुआ हमारे साथ और हमारे लोगो ने आज तक उसका विरोध नहीं किया अंग्रेजो ने जाते हुए देश को धर्म के नाम से बांटा था हमारे तथा कथित नेताओं ने सेकुलर के नाम सदा हिदू धर्मावलम्बियों को दबाया क्योकि वे जानते थे हम कभी एक नहीं हो सकते
हमाज भी उन गुलामी की निशानियो को ढो रहे हैं जिन्हें कब का मिटा देना चाहिए था हमारे बाद आजाद हुए मुल्को ने सबसे पहले उन गुलामी की निसानियो को मिटाया जिससे उन्हें देश में आने वाले शैलानियो के सामने शर्मिंदा ना होना पड़े और हमारे देश में हम अंग्रेजो के मुगलों के उन निशानों को बड़ी शान से दिखाते है और हमारे गाइड्स को शर्म भी नहीं आती न हमें आती है आज भी हमारे प्रसिद्ध मन्दिरों को तोड़ कर बनाए गए ढांचों को हटा नहीं पाए ये सब वोट के लिए है जब बंटवारा हुआ था तो पाकिस्तान ने मुस्लिम धर्म इस्लाम को अपनाया था उस धर्म को मानने वाले वहां चले गए जो यह रहे वे अपनी मर्जी से रहे फिर उन्हें तुस्ट करने के लिए ये अपमान जनक स्थिति क्यों जागो हिन्दुओ जागो हमें किसी से बैर नहीं लेकिन देश को शर्मिंदा करने वाली गुलामी की निशानियाँ भी अब मंजूर नहीं सबसे पहले लोग घर का कूड़ा साफ़ करते है
हमें भी अब यही करना है अगर इसमें जो अपनी मर्जी से यहाँ रह गए सहयोग करते है तो देश उनका आभारी रहेगा
जय हिन्द जय भारत .

                                                                      विचारक . लेखक .जन कवि .गोपाल जी सोलंकी

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